जनवरी में सर्द रहीं राते  दिन में भी ठिठुर रहे लोग

छतरपुर।  पिछले करीब 15 वर्षों में शायद जनवरी का तापमान इतना नीचे नहीं गया। दिसम्बर के आखिरी सप्ताह और जनवरी के पहले सप्ताह में रात का तापमान 2 से 3 डिग्री के बीच रहता रहा मगर इस वर्ष पूरे जनवरी माह में तापमान 2 से 3 डिग्री रहा। जनवरी में तो शून्य से नीचे भी तापमान पहुंच गया था। शीतलहर की चपेट में समूचा उत्तर भारत गया है। सर्दीली रातों के साथ दिन भी ठिठुरन भरे हैं। ठण्ड ने लोगों को बेहाल कर दिया है।

खजुराहो के मौसम विभाग में पदस्थ आरएस परिहार ने बताया कि जनवरी की ठण्ड ने 15 वर्षों का रिकार्ड तोड़ दिया है। समूचे उत्तर भारत में बर्फबारी हो रही है इसके अलावा उत्तर पूर्वी हवाएं चल रही हैं। हिमालय से होकर आने वाली इन हवाओं के कारण तापमान में गिरावट आयी है। मंगलवार की रात का तापमान 2.5 डिग्री रहा जबकि दिन का तापमान 20.6 डिग्री रहा। एक दिन पहले सोमवार की रात तापमान 3 डिग्री था जबकि दिन का तापमान 20 डिग्री रहा। सर्दीली हवाओं के कारण तापमान में उतार.चढ़ाव का दौर चल रहा है। पूरे जनवरी माह में ठण्ड ने जमकर उथल.पुथल मचाई है। ठण्ड की चपेट में आने से लोगों के हाल.बेहाल हो रहे हैं। सबसे ज्यादा असर बेजुबान आवारा जानवरों पर देखने को मिल रहा है। इंसान तो अपनी ठण्ड मिटाने के भरसक प्रयास कर लेता है लेकिन जानवरों को ऐसी ठण्ड में कोई सहारा नहीं नजर आता। खुले आसमान के नीचे उनकी रात गुजरती है। अभी आने वाले दिनों में भी ठण्ड का असर बरकरार रह सकता है।

पहले हफ्ते में रहेगा बादलों का डेरा

मौसम विभाग के मुताबिक फरवरी के पहले सप्ताह में आसमान में बादलों का डेरा हो सकता है। अनुमान के मुताबिक एक से 5 फरवरी के बीच बादलों के आने के साथ ही बारिश की संभावना बनेगी। इन दिनों खेतों में खड़ी फसल पानी की राह देख रही है। यदि फसल को पानी मिल जाएगा तो उत्पादन में वृद्धि होगी। क्योंकि पलेवा के बाद फसलों की बुवाई करने वाले किसानों में से ज्यादातर ऐसे किसान है जिनके पास पानी की व्यवस्था नहीं है इसलिए यदि भगवान मेहरबान हो जाते हैं तो मावठ का पानी फसलों के लिए अमृत होगा।

राजेन्द्र कुमार रैकवार

दबंग मीडिय

व्यूरोचीफ

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