उपभोक्ता फोरम से मिला न्याय, सचेत रहने की जरूरत

छतरपुर। लुभावने वादे और सपने दिखाकर विभिन्न कंपनियां उपभोक्ताओं को छलने में लगी हैं। जब समय गुजर जाता है और उपभोक्ता के हाथ से मोटी रकम निकल जाती है तब उसे इस बात का अहसास होता है कि उसने जिन फायदों को ध्यान में रखकर अपनी राशि संबंधित कंपनी में लगाई थी वह दूर की कौड़ी है। उपभोक्ता फोरम में शरण लेने के बाद ही उपभोक्ता को उसकी रकम वापस मिल सकी। यह जरूरी है कि उपभोक्ता किसी भी कंपनी में पैसे लगाने के पहले सचेत हो जाए। 

उपभोक्ताओं को एफडी के बदले मिलेगी मूल राशि

नौगांव के पन्ना हाउस वार्ड नंण्1 की रहने वाली कमलेश राजपूत और उनके पति प्रदीप राजपूत ने नौगांव यश पैलेस के पास स्थित सहारा इंडिया परिवार के प्रबंधक की बातों में आकर 50.50 हजार रूपए की एफडी करवाई थी 5 साल बाद उन्हें एक लाख 17 हजार 500 रूपए दिए जाने का वादा किया गया था। समय पूरा हुआ तो उपभोक्ता ने अपनी राशि पाने की कवायद शुरू की लेकिन उसे रकम नहीं दी गई। अंततरू पति.पत्नि ने उपभोक्ता फोरम की शरण ली। उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष श्रीराम दिनकरए सदस्य संजय शर्मा तथा निशा गुप्ता ने मामले की गंभीरता को समझते हुए परिवाद स्वीकार कर 45 दिवस के भीतर 7 प्रतिशत ब्याज की दर से 50.50 हजार रूपए देने के आदेश दिए हैं। 

न पैसे मिले न भूखण्ड तो ली फोरम की शरण

गढ़ीमलहरा निवासी रोशन नामदेव पुत्र कालीचरण नामदेव ने छतरपुर के बाबूराम पेट्रोल पंप के आगे ग्राहक सेवा केन्द्र जेकेव्ही लैण्ड डेवलपर्स एण्ड इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से 100 रूपए प्रतिमाह जमा करने हेतु खाता खुलवाया था। इसी तरह बड़ी कुंजरेहटी छतरपुर निवासी शान मोहम्मद पुत्र अब्दुल गफूर ने 200 रूपए प्रतिमाह के हिसाब से 12 हजार रूपए जमा किए थे। कंपनी ने भरोसा दिलाया था कि 31 दिसम्बर 15 को  60 वर्गफिट जमीन दी जाएगी या 6 हजार रूपए के बदले 9050 रूपए तथा 12 हजार रूपए के बदले 18100 रूपए दिए जाएंगे लेकिन जब कंपनी ने पैसे देने में आनाकानी की तो दोनों उपभोक्ताओं ने फोरम की शरण ली। फोरम ने सात प्रतिशत साधारण ब्याज के साथ मूल रकम चुकाने के निर्देश दिए हैं। 

सेवा में आई कमीए सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटी चुकाएगी 1ण्41 लाख

छतरपुर के छत्रसाल नगर की रहने वाली सुधा बुन्देला पत्नि मंगल सिंह बुन्देला ने सहारा के अभिकर्ता मिथलेश पाठक के कहने पर फ्रेंचाइजी गार्जियन सुरेन्द्र रैकवार के माध्यम से चार जनवरी 16 को एक लाख 30 हजार रूपए जमा किए थे। 9 खातों में जमा राशि के बदले चार जनवरी 17 को ब्याज सहित एक लाख 41 हजार रूपए दिए जाने थे जब भुगतान का समय आया तो उपभोक्ता को भुगतान देने में तमाम कमियां बताईं जाने लगीं। उपभोक्ता फोरम में शरण लेने के बाद फोरम ने दोनों पक्षों के तथ्यों को परखने के बाद सहारा कोऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड रीजनल मैनेजर छतरपुर तथा फ्रेंचाइजी गार्जियन को आदेशित किया है कि उपभोक्ता को 1 लाख 41 हजार रूपए 4 जनवरी 17 से 7 फीसदी ब्याज के साथ सहारा  सोसायटी चुकाए। 

 

राजेन्द्र कुमार रैकवार 

दबंग मीडिया 

व्यूरोचीफ

Source ¦¦ DM news