पैराशूट प्रत्याशी प्रसन्न कुमार अहिरवार और भारती आर्या कर रहे टिकट की दावेदारी

क्या फिर आयातित होंगे टीकमगढ़ लोकसभा के प्रत्याशी ?


छतरपुर-क्या राजनैतिक दल अब अपना वास्तविक स्वरूप खोते जा रहे हैं ? गुड़बत्ता अब हठधर्मिता बनती जा रही है । यानी जो जितना बड़ा राजनैतिक ईमानदार उतनी बड़ी उसकी राजनीति । आम चुनाव अब निकट हैं और राजनैतिक सरगर्मियां भी बढ़ने लगी हैं सूत्रों की मानें तो राजनैतिक पार्टियों ने अपने उम्मीदवार भी लगभग तय कर लिए हैं । उनमें से ज्यादातर नाम या तो धनबलियों के हैं या बाहुबलियों के वो भी आयातित जिनका क्षेत्र की जनता से न कोई सीधा संवाद है न संपर्क ।

 

 प्रसन्न कुमार अहिरवार

जिसमें कांग्रेस पार्टी से टिकट मांग रहे प्रसन्न अहिरवार का नाम सामने आ रहा है जो कि दिल्ली गुड़गांव दिल्ली के रहने वाले हैं वह पिछले कई दिनों से केवल सोशल मीडिया के माध्यम से अपना स्वयं प्रचार प्रसार कर रहे हो इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रसन्न कुमार अहिरवार के पास पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं का कोई सहयोग नहीं है ऐसे में यदि पार्टी उन्हें अपना उम्मीदवार बनाती है तो उनकी जमानत जप्त होना निश्चित है ।

 

 भारती आर्या

वहीं भाजपा से भी ऐसे ही पैराशूट प्रत्याशी का नाम सामने आ रहा है निवाड़ी 
की रहने वाली इंजीनियर भारती आर्य पिछले कई दिनों से छतरपुर की गलियों की खाक छान रही है टिकट पाने के लिए शादी समारोह और अन्य कार्यक्रमों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं भारतीय आर्य के बारे में बताया जाता है झांसी जिले के मऊरानीपुर की निवासी है इनका राजनीतिक बैकग्राउंड तो है पर छतरपुर टीकमगढ़ लोकसभा के लिए यह प्रत्याशी उपयुक्त नहीं है पार्टी द्वारा यदि उन्हें अपना उम्मीदवार बनाया जाता है तो पहले से दो फाड़ हो चुकी पार्टी के कार्यकर्ता खुलकर विरोध करने के लिए भी तैयार है

 

 भाजपा और कांग्रेस को हो सकता है नुकसान

इधर जब मतदाताओं का मन टटोला तो लगा जैसे जनता को मजबूर किया जाता है मतदान करने के लिए । सीधे शब्दों में कहें तो जब जनप्रतिनिधि चुनना जनता का हक है तो प्रत्याशी क्यों पार्टियां थोप देती हैं । और इसी बदलते वक्त का फायदा नुकसान राजनैतिक दलों को उठाना पड़ सकता है ।