महाराजपुर कांग्रेस विधायक नीरज दीक्षित की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल

 

छतरपुर-वर्तमान राजनीति कितनी शर्मसार हो गई है जहां जनप्रतिनिधियों द्वारा जनता के हितों के सरोकार ना रखते हुए निजी स्वार्थों को सर्वोपरि रखकर कार्य किया जाता है जबकि यदि जनप्रतिनिधि चाहे तो अपने क्षेत्र की पुलिस और प्रशासनिक व्यवस्था को इस तरह  बना सकता है कि उस क्षेत्र की जनता को कोई परेशानी ना हो परंतु वर्तमान परिदृश्य में ऐसा होता नहीं दिखाई दे रहा है बात करें महाराजपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक की तो उनकी कार्यप्रणाली से लोगों में असंतोष व्याप्त होने लगा है, हाल ही में नौगांव नगर में साहू परिवार के साथ हुई एक घटना की बात करें तो विधायक के पास इतना भी टाइम नहीं है कि वह पीड़ित परिवार को सांत्वना देने के लिए जा सकें।

 

  छतरपुर जिले के नौगांव में भी एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम देने में नाकाम रफ़ीक खान नाम के युवक द्वारा नाबालिग युवती पर केरोसिन डालकर उसे आग के हवाले कर दिया जिससे वह 90% झुलस गई थी जिसके बाद उस युवती की मौत भी होगा घटना से गुस्साए लोगों ने कल नौगांव में जाम लगाया बल्कि पुलिस प्रशासन और शासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की इस घटना के बाद पुलिस द्वारा स्थानीय याकूब खान को निलंबित कर दिया गया,मामला इतना संवेदनशील होने के बाद भी  महाराजपुर विधायक नीरज दीक्षित अभी तक पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने व उन्हें सांत्वना देने अभी तक उनके घर नही पहुचे।

 

 विरासत उत्सव को लेकर भी रहे विवादों में


हाल ही में बुंदेलखंड केसरी महाराजा छत्रसाल की जयंती के अवसर पर मऊ सानिया में होने वाले प्रसिद्ध महोत्सव में पूर्व सांसद स्वर्गीय जितेंद्र सिंह बुंदेला के छायाचित्र को मंच से हटाने के मामले को लेकर भी महाराजपुर विधायक नीरज दीक्षित लोगों के निशाने पर रहे इस मामले में सोशल मीडिया पर जमकर उनकी खिंचाई की गई स्वर्गीय जीतेंद्र सिंह बुंदेला के समर्थकों ने आरोप लगाया कि प्रभारी मंत्री को खुश करने के लिए क्षेत्रीय विधायक नीरज दीक्षित द्वारा उनका छायाचित्र मंच से अलग कर दिया गया था मामले को तूल पकड़ता देख नीरज दीक्षित द्वारा मीडिया को बयान जारी किया गया कि उन्होंने स्वर्गीय जितेन सिंह बुंदेला का छायाचित्र मंच से अलग नहीं करवाया बल्कि वह तो मेरे पारिवारिक सदस्य की तरह थे।