कानून व्यवस्था के वादों में फेल हुए आलोक चतुर्वेदी पज्जन

कमलनाथ सरकार में अपराधियों के हौसले हुए बुलंद

 दिनदहाड़े हुई व्यापारी को जान से मारने की कोशिश

छतरपुर-मध्य प्रदेश में सत्ता परिवर्तन हुए अभी 6 महीने ही हुए हैं कि जनता कांग्रेस की सरकार की नीतियों से परेशान होती नजर आ रही है कांग्रेस सरकार ने जो वादे सत्ता में आने से पहले जनता से किए थे उन पर वह खरी नहीं उतर पा रही है । किसानों की बात करें तो कर्ज माफी जैसे वादों को कांग्रेस निभा नहीं पाई है तो वही बिजली कटौती ने आम जनमानस का जीना दुश्वार कर दिया है इतना ही नहीं इन 6 महीनों में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि वह खुलेआम आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं । इस पर भाजपा नेताओं द्वारा आरोप लगाए जा रहे हैं कि कांग्रेस नेताओं के संरक्षण में अपराधी फल फूल रहे हैं अपराधियों को पुलिस का खौफ ही नहीं रहा।

इन घटनाओं से कानून व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

बात करें छतरपुर जिले की तो यहां पिछले कुछ दिनों में ऐसी घटनाएं घटित हुई हैं जिस से जनता के बीच भय का माहौल निर्मित हुआ है सिविल लाइन थाना क्षेत्र में कुछ दिन पूर्व दीपक अग्निहोत्री की घर में घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी ,नौगांव में जिस तरह एक रफीक खान नाम के युवक द्वारा नावालिक के साथ दुष्कर्म की कोशिश में नाकाम होने पर उसके ऊपर केरोसिन डालकर आग लगा दी गई जिससे युवती की मौत हो गई, सोमवार छतरपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के छत्रसाल नगर में जुए के फड़ पर सिविल लाइन पुलिस द्वारा छापामार कार्रवाई की गई जिसमें बड़ी संख्या में जुआरियों को पकड़ा गया चर्चा है कि इनके पास से लाखों रुपए कैश बरामद हुआ है परंतु पुलिस द्वारा मात्र कुछ हजार रुपए ही दर्शाए गए हैं इतना ही नहीं कई जुआरियों को पुलिस द्वारा छोड़े जाने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं इसी घटना को लेकर पुलिस और जुआरियों के बीच बातचीत का एक ऑडियो भी वायरल हुआ था जिसका संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक तिलक सिंह द्वारा आरक्षक रोशन को निलंबित भी कर दिया गया है ।

चौक बाजार क्षेत्र के व्यापारियों में दहशत

सदर विधायक आलोक चतुर्वेदी द्वारा 2 दिन पूर्व शहर के गल्ला मंडी क्षेत्र की एक धर्मशाला में व्यापारियों और पुलिस अधीक्षक व कलेक्टर के साथ बैठकर विभिन्न समस्याओं को लेकर एक मीटिंग की गई थी जिसमें व्यापारियों द्वारा व्यापार क्षेत्र में अपराधियों की बढ़ती सक्रियता पर भी चर्चा हुई थी जिस पर उन्हें आश्वासन दिया गया था कि उनके साथ कोई घटना घटित नहीं होने दी जाएगी लेकिन उक्त मीटिंग के अगले ही दिन व्यापारी से ना केवल फिरौती मांगने के लिए फोन किया गया बल्कि व्यापारी द्वारा पुलिस से शिकायत करने पर उसके पुत्र पर गोली मारकर हत्या करने का भी प्रयास किया गया।

विधायक की मीटिंग का नहीं हुआ असर

बात करें छतरपुर शहर की कानून व्यवस्था की तो यह पूरी तरह ध्वस्त दिखाई दे रही है पुलिस संरक्षण में ही अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि वह खुलेआम आपराधिक घटना को अंजाम दे रहे हैं जबकि छतरपुर विधायक आलोक चतुर्वेदी द्वारा समय-समय पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के साथ मीटिंग करने के बाद भी उसका असर दिखाई नहीं दे रहा है वही भाजपा नेताओं ने आरोप लगाए हैं कि कांग्रेस नेताओं के संरक्षण में ही अपराधी फल फूल रहे हैं पुलिस द्वारा जब इन अपराधियों पर कार्रवाई की जाती है तो कांग्रेसी नेता पुलिस को फोन कर कार्यवाही नहीं करने देते जिसका नतीजा है कि आज फिर व्यापारी के साथ गोलीबारी जैसी घटना घटित हुई।