शासन के आदेशों को नहीं मान रहे जिला चिकित्सालय में पदस्थ डॉक्टर

छतरपुर। कमलनाथ सरकार द्वारा जारी नए आदेश के तहत अस्पतालों में मरीजों के लिए डॉक्टरों के उपलब्ध होने का समय सुबह 9 बजे से 4 बजे तक कर दिया है। इस दौरान डॉक्टर ओपीडी में बैठकर मरीजों का उपचार करेंगे लेकिन जिले के डॉक्टर सरकार के इस आदेश को ठेंगा दिखाते हुए मनमानी कर रहे हैं।

सोशल मीडिया पर एक्टिव पर फैसला लागू कराने में नाकाम विधायक

मुख्यमंत्री कमलनाथ के द्वारा जब डॉक्टरों को सुबह 9:00 बजे से 4:00 बजे तक अस्पताल में बैठने के निर्देश जारी किए गए थे तब सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव छतरपुर विधायक द्वारा अपने फेसबुक पेज पर पोस्ट साझा की गई थी जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री का द्वारा मुख्यमंत्री के इस फैसले को जबरदस्त फैसला करार दिया था सले सले ले स स इससे पूर्व छतरपुर विधायक आलोक चतुर्वेदी द्वारा जिला अस्पताल का निरीक्षण किया गया था जिसमें उन्होंने जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए सख्त निर्देश दिए थे पर सदर विधायक के निर्देशों का भी कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है।

सीएमएचओ को निरीक्षण में नहीं मिले डॉक्टर

आदेश की सबसे ज्यादा दुर्गति जिला अस्पताल में ही देखने को मिल रही है जहां ज्यादातर डॉक्टर सुबह 10 बजे पहुंचते हैं और एक बजे तक निकल जाते हैं। जब सीएमएचओ ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया तो अस्पताल से 20 डॉक्टर लापता मिले। गौरतलब है कि अस्पताल में लगभग 24 डॉक्टर तैनात हैं जिनमें से 20 डॉक्टर अपनी ड्यूटी से लापता पाए गए। 

इन डॉक्टरों को जारी हुए नोटिस


सीएमएचओ ने अस्पताल में ड्यूटी के दौरान गायब मिले 20 डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इन डॉक्टरों में डॉ. आरएस त्रिपाठी, लखन तिवारी, संगीता चौबे, आरके वर्मा, लता चौरसिया, गीता चौरसिया, एसके चौरसिया, सुरभि खरे, सुरेखा खरे, निधि खरे, हिमांशु बाथम, अभय सिंह, सतीश चौबे, राजकुमार अवस्थी, विनीत पटैरिया, श्वेता गर्ग, भावना त्रिपाठी, सत्यम चौरसिया, डीएन पाठक, अशोक गुप्ता शामिल हैं। सीएमएचओ व्हीएस बाजपेयी ने बताया कि इन डॉक्टरों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।