जांच से पूर्व राहुल दुकान से फिर करने लगा खनिज विभाग से संवंधित का काम

 

 

छतरपुर- जिले के एक कॉलेज संचालक के साथ शिवपुरी से पहले ही एक फ्रॉड कर आया नटवरलाल द्वारा लाखों रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया था इस मामले में कॉलेज संचालक अभय सिंह भदौरिया द्वारा जब पुलिस के बड़े अधिकारियों ने शिकायत की तो पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए नटवरलाल गिर्राज शर्मा को शांति नगर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया लेकिन इस मामले में जिले के कलेक्टर सहित अन्य अधिकारियों के फर्जी दस्तखत और दस्तावेज तैयार करने वाले राहुल समारी को पुलिस ने गिरफ्तार तो किया था लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया  गया।

 

राहुल करता फर्जी दस्तावेज तैयार, गिर्राज फसता था

 

छतरपुर जिला न्यायालय के सामने राहुल समारी अपनी कंप्यूटर की दुकान खोले हुए हैं जहां से वह खनिज विभाग से संबंधित कार्य किया करता था यहां गिर्राज शर्मा का आना जाना हुआ करता था यहीं से इसके संबंध राहुल सामरी से हो गए थे,यही से इन दोनो ने लोगो को फर्जी दस्तावेज के आधार पर लोगों को ठगने का धंधा शुरू किया,राहुल सामरी कंप्यूटर के माध्यम से खनिज विभाग और जिला कलेक्टर फर्जी दस्तावेज तैयार करता था और गिर्राज शर्मा लोगों को रेत खदान में पार्टनर करने के नाम पर मोटी रकम लेने लगा। इस तरह इन दोनों ने शहर के कई लोगों को रेत के कारोबार में पाटनर होने का झांसा देकर बसाया और उनसे लाखों रुपए वसूल लिए।

 

 राहुल समारी से जप्त हार्ड डिक्स में छुपे हैं कई राज

 

जब पुलिस को कलेक्टर और अन्य अधिकारियों के फर्जी दस्तावेज राहुल समारी द्वारा बनाने की जानकारी लगी तो उन्होंने राहुल समारी की कंप्यूटर की दुकान पर छापा मारा और वहां से कंप्यूटर, स्कैनर,हार्ड जप्त कर जांच शुरू कर दी लेकिन बाद में पूछताछ कर राहुल को छोड़ दिया गया बताया जा रहा है कि राहुल समारी यहीं से कलेक्टर और अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर फर्जी रूप से रेट की परमिशन,फर्जी पिटपास,रेत उत्खनन की परमिशन, सहित अन्य दस्तावेज तैयार करता था जिससे शासन को लाखों रुपए की हानि हुई है बावजूद इसके राहुल सवारी को पुलिस द्वारा बड़ी आसानी से छोड़ दिया गया जो पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े कर रही है।