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समय रहते आवेदन पर हो जाती कार्यवाही तो बच सकती थी कन्हैया लाल की जान

छतरपुर- हाल ही में एसपी ऑफिस के बहार कन्हैया लाल अग्रवाल नाम के एक युवक द्वारा खुद पर पेट्रोल डालकर  आग लगा ली थी जिससे यह युवक बुरी तरह झुलस गया था जिसे इलाज के लिए जिला चिकित्सालय भर्ती कराया गया था जहां उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई इस मामले में  अमन दुबे नाम के एक युवक को आरोपी बनाया गया है जो अभी जेल में है, पूरे घटनाक्रम में बगैर तथ्य को जाने कई ऐसे ही बातें सामने आ रही हैं जो निराधार है


 मृतक की माँ ने 6 जुलाई एडिशनल एसपी जयराज कुबेर को दिया था आवेदन

घटना वाले दिन से 2 दिन पूर्व 6 जुलाई को मृतक कन्हैया लाल अग्रवाल की लता अग्रवाल एडिशनल एसपी जयराज कुबेर से मिली थी और आवेदन दिया था जिसे एडिशनल एसपी ने गंभीरता से ना लेते हुए व्हाट्सएप के माध्यम से सिटी कोतवाली टीआई अरविंद दांगी को 1:39 पर भेजा था,उस समय उस आवेदन पर कोई कार्यवाही नही हुई,फिर शाम को आवेदन की मूलप्रति कोतवाली पहुची।

 आवेदन देने के 2 दिन बाद तक नहीं हुई कोई कार्रवाई

मृतक की मां द्वारा एडिशनल एसपी को आवेदन देने के बाद उसी दिन आवेदन कोतवाली पहुंच गया था मृतक कन्हैया लाल अग्रवाल ने अग्नि स्नान 8 तारीख  को किया था इन 2 दिनों के अंतराल में कोतवाली पुलिस द्वारा आवेदन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई और ना ही एडिशनल एसपी में अपने द्वारा भेजे गए आवेदनों पर क्या कार्रवाई हुई यह जानना भी जरूरी नहीं समझा था

एडिशनल एसपी ने आवेदन पर फीडबैक क्यों नहीं लिया 

 इस मामले में जब एडिशनल एसपी जयराज कुबेर से बात की तो उन्होंने बताया कि 6 तारीख को मृतक की मां आवेदन लेकर आई थी जिसे मैंने व्हाट्सएप के माध्यम से कोतवाली टीआई को भेज दिया था लेकिन जब उनसे पूछा गया कि आवेदन भेजने के बाद उस पर क्या कार्यवाही हुुुई, यह जानकारी आप ने ली थी तो उन्होंने बड़ा ही दिलचस्प जवाब दिया उनका कहना था कि हर आवेदन के पीछे तो मैं जा नही सकता है ऐसे तो आवेदन दिन भर आते हैं अगर एडिशनल एसपी अपने द्वारा भेजे गए आवेदन पर कोतवाली टीआई से कार्यवाही का फीडबैक लेते तो उन्हें भी जानकारी लग जाती कि आवेदन पर अभी तक कोई कार्यवाही हुई की नही।