छतरपुर। 13 साल की मासूम पीड़िता के साथ दुराचार करने के मामले में कोर्ट ने फैसला दिया है। न्यायाधीश नोरिन निगम की कोर्ट ने 25 वर्षीय आरोपी को बीस साल की कठोर कैद के साथ पांच हजार रुपए के जुर्माना की सजा सुनाई है।
एडवोकेट लखन राजपूत ने बताया कि 13 वर्षीय पीड़िता ने अपने माता पिता के साथ थाना सिविल लाइन में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 1 सितंबर 2018 को शाम करीब 6 बजे वह अपने घर से गांव की नदी के पास दैनिक क्रिया के लिए गई थी। उसी दौरान कमलेश उर्फ भज्जू बरार निवासी दालौन पीछे तरफ से आया। और पीड़िता की गर्दन दबाकर धमकी दी कि यदि वह चिल्लाई तो वह उसे जान से खत्म कर देगा। आरोपी कमलेश ने पीड़िता के साथ जबरन दुराचार किया। पुलिस ने कमलेश के खिलाफ मामला दर्ज किया। एसआई सोनम सोनी ने कमलेश को गिरफ्तार कर मामला कोर्ट के सुपुर्द किया। 
न्यायाधीश नोरिन निगम की कोर्ट ने सुनाया सजाः
अभियोजन की ओर से डीपीओ एसके चतुर्वेदी ने पैरवी करते हुए सभी सबूत कोर्ट में पेश किए और आरोपी को कठोर सजा देने की अपील कोर्ट से की। चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश नोरिन निगम की कोर्ट ने फैसला दिया कि बलात्कार के अपराध पीड़ित को गंभीर रुप से प्रभावित करते है। जिसके चिन्ह कई सालो तक पीड़ित के मस्तिष्क में बने रहते है। ऐसे मामलो में कोर्ट को दया नही बरतनी चाहिए। और कठोर से कठोर सजा देना चाहिए। क्योकि ऐसे अपराध केवल महिलाओ के खिलाफ नही है बल्कि सामाजिक अपराध भी होते है। जो पूरे समाज को बिचलित कर देते है। कोर्ट ने आरोपी कमलेश को आईपीसी की धारा 376(3) में बीस साल की कठोर कैद के साथ पांच हजार रुपए के जुर्माना की सजा सुनाई।