महाभ्रष्ट पटवारी अमित सक्सेना के खिलाफ ग्रामीणों ने खोला मोर्चा

 रेत के खेल में शामिल होकर जोड़ी बेहिसाब संपत्ति 


 शिकायतकर्ता दीपू दुवेदी ने कहा लोकायुक्त में करेंगे शिकायत


छतरपुर-खनिज संपदा से भरपूर लवकुश नगर क्षेत्र में जो भी पुलिस प्रशासन से संबंधित अधिकारी या कर्मचारी यहां पदस्थ हो जाता है वह यहां से जाने का नाम नहीं लेता वह अपने कर्तव्यों को छोड़ रेत के कारोबार में शामिल हो गए हैं इनकी इस कार्यप्रणाली से शासन की प्रमुख योजनाओं का लाभ स्थानीय ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है।

 रेत माफियाओं से गठजोड़ कर कर रहे रेत का कारोबार

छतरपुर जिले के लवकुशनगर अनुविभागीय कार्यालय  क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत मिश्रण पुरवा में अमित सक्सेना पटवारी के पद पर पदस्थ है कहने को तो यह शासकीय सेवक है परंतु इनके द्वारा किए जाने वाले कार्य किसी रेत माफिया से कम नहीं है रेत माफियाओं से गहरा गठजोड़ होने के कारण अमित सक्सेना द्वारा लाखों की संपत्ति अर्जित कर ली है।

 किसान की सिंचित भूमि को संचित का दिया प्रमाण पत्र

लवकुश नगर के स्थानीय निवासी दीपू दुवेदी के द्वारा लवकुश एसडीएम हैं अविनाश रावत को एक शिकायत की पत्र दिया गया जिसमें उल्लेख किया गया कि ग्राम पंचायत मिश्रनपुरवा में पदस्थ हल्का पटवारी अमित सक्सेना द्वारा पंचायत के नंदा अनुरागी पिता अर्जुन व सोना अनुरागी पिता नंदा को भूमि प्रमाण पत्र गलत तरीके से बनाया गया भूमि स्वामी की जमीन सिंचित है तथा उसने शासन द्वारा मनरेगा योजना अंतर्गत कपिलधारा कूप निर्माण कार्य भी कराया गया है लेकिन महाभ्रष्ट पटवारी अमित सक्सेना द्वारा भूमि स्वामी को प्रधानमंत्री योजना का लाभ दिलवाने के लिए सिंचित भूमि को सिंचित का प्रमाण दे दिया गया, परेशान किसानों ने कई बार अमित सक्सेना से  पुनः भूमि को सिंचित करने के लिए कहा लेकिन उसने अभी तक अपनी गलती का सुधार नहीं किया है।