महाराजा महाविद्यालय के छात्र ने रचनात्मक पहल करते हुए लाॅकडाउन का सदुपयोग करने रची कविता

 

दरिया में डूबते हुए पत्थर को देखो, 

फिर, इस महामारी के लक्षण को देखो!

चाइना की ये अद्भुत नादानी तो देखो, 

फिर, दुनिया की नवनिर्मित कहानी को देखो!

दूरदर्शन पर रामायण और महाभारत भी देखो, 

कुछ सीख लेकर अपने बूढ़े मां-बाप को भी देखो!

प्रशासन के उन वीर सहकर्मियों को देखो, 

फिर, कोरोना की जंग में अपने कर्तव्यों को देखो!

प्रकृति की न्याय संगत कहानी को देखो, 

पर्दे में छुपी जीवों की जवानी को देखो!

बीते हुए कल को आप यूं ही निहारो,

प्रदूषण से मुक्त कुछ पृथ्वी ही बचा लो!

अनावश्यक संसाधन को जीवन से निकालो, 

अपनी जीविका को उत्तम बना लो!

लाॅकडाउन की जरूरत है जरा खुद को संभालो, 

घर पर रहो और अपनों को बचा लो!

घर पर रहो और अपनों को बचा लो!!

                                        

 

Source ¦¦ दबंग महफ़िल