शालिग्राम गर्ग जेल में, लेकिन दो आरोपी अब भी फरार होने का आरोप; पीड़ित परिवार ने जताई जान का खतरा, सुरक्षा की मांग

छतरपुर। राजनगर थाना क्षेत्र के कोड़ा गांव में किसान पर हुए चर्चित गोलीकांड ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग के खिलाफ दर्ज इस बहुचर्चित मामले में जहां पुलिस मुख्य आरोपी शालिग्राम गर्ग और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, वहीं पीड़ित परिवार का आरोप है कि नामजद दो आरोपी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। इसी मुद्दे को लेकर शनिवार को राजनगर के पूर्व कांग्रेस विधायक विक्रम सिंह नातीराजा पीड़ित परिवार से मिलने कोड़ा गांव पहुंचे और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच तथा सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग उठाई।

पूर्व विधायक विक्रम सिंह नातीराजा ने ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष ब्रजकिशोर पांडेय और अन्य कांग्रेस नेताओं के साथ पीड़ित परिवार से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली। उन्होंने घायल किसान और परिजनों का हालचाल जाना तथा कहा कि कानून किसी व्यक्ति की पहचान या प्रभाव नहीं देखता, बल्कि अपराध देखता है। यदि एफआईआर में चार लोगों के नाम हैं तो सभी आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित होनी चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि मामले की जांच पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता से होनी चाहिए तथा किसी भी आरोपी को संरक्षण नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि फरार आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए और पीड़ित परिवार को पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।

उधर, पीड़ित परिवार का कहना है कि एफआईआर में चार आरोपियों के नाम दर्ज हैं, लेकिन अभी तक केवल शालिग्राम गर्ग और एक अन्य आरोपी की गिरफ्तारी हुई है। परिवार का आरोप है कि दो आरोपी अब भी खुलेआम घूम रहे हैं, जिससे पूरे परिवार में भय का माहौल है। परिजनों का कहना है कि उन्हें लगातार अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है और प्रशासन से सुरक्षा की मांग की गई है।

इधर पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है तथा फरार आरोपियों की तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही शेष आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

कोड़ा गोलीकांड अब केवल एक आपराधिक मामला नहीं रह गया है, बल्कि जिले की राजनीति का भी बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। एक ओर विपक्ष निष्पक्ष कार्रवाई की मांग को लेकर सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल उठा रहा है, वहीं दूसरी ओर पूरे मामले पर जिले भर की निगाहें टिकी हुई हैं कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी कब तक हो पाती है।