कमिश्नर से की निष्पक्ष जांच की मांग, फर्जी भुगतान, दस्तावेज रोकने और आर्थिक गड़बड़ी के लगाए आरोप

 

सीईओ जिला पंचायत बोले—तथ्यों की जांच कर दोषी पाए जाने पर होगी वैधानिक कार्रवाई

अभिषेक असाटी 

बकस्वाहा। जनपद पंचायत बकस्वाहा की ग्राम पंचायत पड़रिया की महिला सरपंच अभिलाषा तिवारी ने जनपद पंचायत में पदस्थ कंप्यूटर ऑपरेटर राजेंद्र राय पर गंभीर आरोप लगाते हुए सागर संभाग के कमिश्नर से न्याय की गुहार लगाई है। सरपंच का आरोप है कि कंप्यूटर ऑपरेटर राजेंद्र राय लंबे समय से पंचायत के कार्यों में अनावश्यक हस्तक्षेप कर दबाव बनाता रहा, फर्जी भुगतान कराए और पंचायत के महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने कब्जे में रखे हुए हैं। मामले को लेकर उन्होंने विस्तृत शिकायती आवेदन देकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

सरपंच अभिलाषा तिवारी का कहना है कि पंचायत के विकास एवं निर्माण कार्य उनकी सहमति के बिना अपनी मर्जी से कराए गए। विरोध करने पर उन्हें डराया-धमकाया गया और पंचायत संचालन में लगातार बाधाएं उत्पन्न की गईं। उनका आरोप है कि इससे न केवल पंचायत की कार्यप्रणाली प्रभावित हुई, बल्कि निर्वाचित जनप्रतिनिधि होने के बावजूद उनके अधिकारों का भी हनन हुआ।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पंचायत के दो स्टोन वंडर पत्थरों की खकरी से संबंधित राशि फर्जी बिल-वाउचर तैयार कर आहरित कर ली गई। इतना ही नहीं, सरपंच की जानकारी और स्वीकृति के बिना मिस्त्रियों के फर्जी नाम दर्ज कर भुगतान किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। सरपंच ने इन भुगतानों की जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

महिला सरपंच ने यह भी आरोप लगाया कि पंचायत की दो माप पुस्तिकाएं (एमबी) संबंधित कर्मचारी ने अपने कब्जे में रख ली हैं। कई बार मांगने के बावजूद उन्हें वापस नहीं किया गया। उनका कहना है कि दस्तावेज लौटाने के बदले पंचायत में मनमाने कार्य कराने का दबाव बनाया जा रहा है, जिससे पंचायत के नियमित कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि पंचायत में कराए गए तलैया निर्माण कार्य की करीब 1.50 लाख रुपये की राशि झांसा देकर हड़प ली गई। सरपंच ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई, आर्थिक नुकसान की भरपाई तथा पंचायत के अभिलेख सुरक्षित वापस दिलाने की मांग की है।

इस मामले ने जनपद पंचायत बकस्वाहा की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप जांच में सही पाए जाते हैं, तो यह पंचायती राज व्यवस्था में वित्तीय अनियमितताओं के साथ-साथ महिला जनप्रतिनिधियों के अधिकारों के हनन का गंभीर मामला माना जाएगा।

इनका कहना है

आपके द्वारा मामला संज्ञान में लाया गया है। तथ्यों की जांच कराई जाएगी। यदि शिकायत सही पाई गई तो नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

 नमः शिवाय अरजरिया

मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत छतरपुर