एक माह पहले हुआ तबादला, फिर भी नहीं छोड़ा टटम बीट; ग्रामीण बोले—शिकायत करो तो होती है प्रताड़ना

छतरपुर। खजुराहो-बिजावर वन परिक्षेत्र की टटम बीट में कार्यरत कार्यवाहक वनपाल रामकिशुन कुशवाहा को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि स्थानांतरण आदेश जारी होने के एक माह बाद भी वनपाल ने नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण नहीं किया, जिससे विभागीय व्यवस्था और आदेशों के पालन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

ग्रामीणों के अनुसार, 16 जून 2026 को रामकिशुन कुशवाहा का स्थानांतरण टटम बीट से खेरा कला (बिजावर) कर दिया गया था। इसके बावजूद वे अभी भी टटम बीट में ही कार्यरत बताए जा रहे हैं।

वसूली और प्रताड़ना के आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि कार्यवाहक वनपाल पर लंबे समय से अवैध वसूली के आरोप लगते रहे हैं। उनका दावा है कि इस संबंध में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर कई शिकायतें भी दर्ज कराई जा चुकी हैं। शिकायत करने वाले लोगों को कथित रूप से प्रताड़ित किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।

रेत माफियाओं से सांठगांठ का भी आरोप

कुछ ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि कार्यवाहक वनपाल की अवैध रेत कारोबार से जुड़े लोगों से सांठगांठ है। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और इनकी जांच होना बाकी है।

रेंजर से शिकायत, कार्रवाई का इंतजार

ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इस पूरे मामले की शिकायत संबंधित रेंजर निलेश प्रजापति से भी की थी। कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बावजूद अब तक स्थानांतरण आदेश का पालन नहीं कराया गया।

ग्रामीणों की मांग

ग्रामीणों ने वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि स्थानांतरण आदेश का तत्काल पालन कराया जाए तथा कार्यवाहक वनपाल पर लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाए।