उत्तर प्रदेश की राजनीति में सियासी बयानबाजी चलती ही रहती है. ये कभी बीजेपी की तरफ से शुरू होती है तो कभी अन्य विपक्षी दलों की तरफ से इसकी शुरुआत की जाती है. सीएम योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में एक इंटरव्यू दिया है, जिसके बाद विपक्ष जमकर तंज कस रहा है. इंटरव्यू के दौरान सीएम योगी से उनके भविष्य को लेकर सवाल किया गया था, जिस पर उन्होंने कहा कि राजनीति उनके लिए फुल टाइम जॉब नहीं है और वह दिल से योगी हैं. सीएम योगी के इसी बयान पर अखिलेश यादव ने बिना नाम लेते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है.

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तंज करते हुए कहा कि उनको राजनीति करनी ही नहीं चाहिए जो इसे पार्ट टाइम समझते हैं. क्योंकि सच्ची राजनीति सेवा का क्षेत्र होती है जिसके लिए दिन के 24 घंटे और पूरा जीवन भी कम होता है.

क्या बोले थे सीएम योगी?
इंटरव्यू में एक सवाल के जवाब में सीएम योगी ने कहा था कि राजनीति मेरे लिए फुल टाइम जॉब नहीं है. फिलहाल, हम यहां काम कर रहे हैं. मगर असल में मैं एक योगी हूं. जब तक हम यहां हैं, हम काम कर रहे हैं. इसकी भी एक समय सीमा होगी. मुख्यमंत्री ने कहा था कि उनकी प्राथमिक भूमिका उत्तर प्रदेश के लोगों की सेवा करना है, जो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उन्हें सौंपा है.

सड़क पर नमाज को लेकर क्या बोले थे सीएम योगी?
उन्होंने कहा कि सड़कें चलने के लिए होती हैं. उन्होंने कहा कि जो लोग सड़क पर नमाज पढ़ने की बात करते हैं उन्हें हिन्दुओं से अनुशासन सीखना चाहिए. महाकुंभ के दौरान करोड़ों की संख्या में श्रद्दालु संगम स्नान के लिए प्रयागराज आए थे. सभी बहुत ही संयमित होकर सड़क पर चले. कहीं कोई झगड़ा, मारपीट, दुर्घटना या अव्यवस्था नहीं फैलने पाई. यही वजह है कि महाकुंभ का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ.