अलीगढ़ में मामूली वेतन वालों को आयकर विभाग ने भेजा करोड़ों रुपये का टैक्स नोटिस

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में मामूली वेतन वालों को आयकर विभाग ने करोड़ों रुपये का आयकर नोटिस थमा दिया है. इस नोटिस में दावा किया गया है कि इन लोगों ने करोड़ों रुपये का व्यापार किया, और इससे होने वाली कमाई पर टैक्स नहीं दिया. नोटिस पाते ही पीड़ित परेशान हो गए. इस संबंध में जब टैक्स के वकीलों से मामले की जांच कराई गई तो पता चला कि इनके आधार और पैन कार्ड का इस्तेमाल कोई और ही कर रहा है. इस संबंध में पीड़ितों ने पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया है.
अलीगढ़ में फिलहाल इस तरह के तीन मामले सामने आए हैं. इसमें एक मामला पंद्रह हजार रुपये वेतन पाने वाले व्यक्ति को 33.88 करोड़ रुपये की नोटिस का है. वहीं दूसरा मामला 8,500 रुपये वेतन पाने वाले व्यक्ति को 3.87 करोड़ और जूस बेचने वाले को 7.79 करोड़ रुपये की नोटिस का है.इन तीनों लोगों को आयकर विभाग ने मार्च महीने में नोटिस जारी किया था. भारतीय स्टेट बैंक की खैर शाखा में संविदा कर्मी करण कुमार ने बताया कि उन्हें 15 हजार रुपये हर महीने वेतन मिलता है.
आधार औरपैन के दुरुपयोग का मामला
इस वेतन से वह बड़ी मुश्किल से अपने घर का खर्च चला पाते हैं. अब उन्हें 33.88 करोड़ रुपये का आयकर नोटिस मिला है. उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने वकील से संपर्क किया तो पता चला कि उनके आधार और पैन कार्ड का इस्तेमाल कर किसी महावीर एंटरप्राइजेज नामक कंपनी दिल्ली में पेट्रोलियम उत्पादों और स्टील के सामान की बड़े पैमाने पर खरीद फरोख्त कर रही है. उन्होंने बताया कि इस संबंध में इनकम टैक्स के अधिकारियों को शिकायत दी तो मदद करने के बजाय उन्होंने पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने को कह दिया.
एफआईआर दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस
इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दी है. चंडौस थाना प्रभारी (एसएचओ) हरिभान सिंह के मुताबिक मामले की जांच कराई जा रही है. इसी प्रकार संगोर गांव में रहने वाले मोहित कुमार ने बताया कि वह ट्रांसपोर्ट कंपनी में मामूली सी नौकरी करते हुए और उन्हें 3.87 करोड़ रुपये का नोटिस मिला है. उन्होंने वकील के जरिए जांच कराई तो पता चला कि एमके ट्रेडर्स नाम से कोई फर्म उनके आधार और पैन कार्ड का इस्तेमाल कर रही है. वहीं जूस विक्रेता रईस अहमद को भी 7.79 करोड़ रुपये का नोटिस मिला है. वकीलों के मुताबिक इन दिनों हर काम के लिए आधार और पैन कार्ड की डिटेल देनी होती है. डिटेल देकर तो लोग भूल जाते हैं, लेकिन जालसाज इसका नाजायज लाभ उठाते हैं. यह भी इसी तरह का मामला है.