MI को हराकर फाइनल में पहुंची पंजाब किंग्स, कल होगा RCB से टकराव
PBKS vs MI: IPL 2025 को एक नया चैंपियन मिलने जा रहा है. IPL 2025 सीजन के फाइनल में दो ऐसी टीम भिड़ने जा रही हैं, जिन्होंने आज तक कभी भी खिताब नहीं जीता. मंगलवार 3 जून को होने वाले IPL फाइनल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का सामना पंजाब किंग्स से होगा. टूर्नामेंट के दूसरे क्वालिफायर मैच में पंजाब किंग्स ने कप्तान श्रेयस अय्यर की हैरतअंगेज पारी के दम पर 5 बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस को 5 विकेट से हरा दिया. इसके साथ ही पंजाब ने 11 साल बाद फाइनल में जगह बनाकर लंबा इंतजार खत्म किया.
मुंबई का 200 वाला गुरूर टूटा
अहमदाबाद में रविवार 1 जून की रात शुरू हुआ ये मैच अगले दिन यानि सोमवार 2 जून की सुबह-सुबह खत्म हो पाया. बारिश के कारण ठीक सवा दो घंटे की देरी से शुरू हुए इस मैच में रोमांच पहली गेंद से लेकर आखिरी गेंद तक जारी रहा. मुंबई को टॉस हारने के बाद पहले बैटिंग करनी पड़ी और इस बार उसकी शुरुआत बेहद खराब रही क्योंकि रोहित शर्मा तीसरे ओवर में आउट हो गए. मगर टीम के बाकी बल्लेबाजों ने तेज-तर्रार पारी खेलनी जारी रखी और 203 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया. मुंबई का पहला लक्ष्य 200 रन तक पहुंचना था, जिसमें सूर्यकुमार यादव (44), तिलक वर्मा (44), नमन धीर (37) और जॉनी बेयरस्टो (38) ने अहम भूमिका निभाई. मुंबई का ये स्कोर इसलिए भी अहम था क्योंकि IPL के 18 साल के इतिहास में इस मैच से पहले ये टीम 200 रन का आंकड़ा छूने के बाद कभी हारी नहीं थी. हर बार इस टीम ने 200 या उससे ज्यादा रन बनाने के बाद सफलतापूर्वक डिफेंड किया था. मगर इस बार ऐसा नहीं हो सका और पहली बार उसे हार का सामना करना पड़ा.
अय्यर की कप्तानी पारी, नमन ने भी दिखाया दम
हालांकि, उससे पहले पंजाब ने 72 रन तक ही 3 विकेट गंवा दिए थे, जिसमें जॉश इंग्लिस (38) का पवेलियन लौटना बड़ा झटका रहा क्योंकि वो तूफानी पारी खेल रहे थे. मगर पंजाब के कप्तान अय्यर ने इस बार इतिहास बदलने की ठानी थी और इसमें उन्हें सबसे अच्छा साथ मिला युवा पंजाबी बल्लेबाज नेहाल वढ़ेरा का, जो पिछले सीजन तक मुंबई का ही हिस्सा थे. दोनों ने मिलकर 84 रन की ताबड़तोड़ साझेदारी की, जिसने टीम को जीत की स्थति में पहुंचा दिया था.
फिर नेहाल (48) और शशांक सिंह कुछ ही रन के अंदर आउट हो गए और मुंबई के पास वापसी का मौका था. मगर इस बार जसप्रीत बुमराह भी पंजाब को रोकने में नाकाम रहे और 4 ओवर में 40 रन खर्च दिए, जबकि कोई विकेट नहीं ले पाए. पंजाब को इसी सतर्क आक्रामकता का इनाम मिला और कप्तान अय्यर ने 19वें ओवर में 4 छक्के जड़कर मैच खत्म कर दिया और टीम को 11 साल बाद फाइनल में पहुंचा दिया. अय्यर सिर्फ 41 गेंदों में 87 रन बनाकर नाबाद लौटे, जिसमें 8 छक्के और 5 चौके शामिल थे.


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