बहराइच में भेड़िया बना खौफ, मां के पास सो रही बच्ची की खोज जारी
उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में भेड़ियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है. शनिवार तड़के एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जब कैसरगंज थाना क्षेत्र के ग्राम गोडहिया नंबर-4 के मजरा जरूवा में मां के पास सो रहे एक साल के मासूम को भेड़िया उठाकर ले गया. बताया गया कि भेड़िया जैसे ही बच्चे को जबड़े में दबाकर भागा, बच्चे की चीख सुनकर मां की नींद खुल गई. मां ने शोर मचाया और बच्चे को बचाने के लिए भेड़िए के पीछे दौड़ी, लेकिन वह गन्ने के खेत में ओझल हो गया |
घटना की खबर फैलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई. आसपास के ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंचे और बच्चे की तलाश शुरू की गई. सुबह करीब तीन बजे से सर्च ऑपरेशन जारी है, लेकिन कई घंटों बाद भी बच्चे का कोई सुराग नहीं लग सका. सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम और स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंच गई है और खेतों व आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है |
बहराइच में बीते दो महीनों के भीतर भेड़ियों के हमलों में आठ बच्चों समेत कुल दस लोगों की मौत हो चुकी है, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है | लगातार बढ़ती घटनाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर वन विभाग ने भेड़ियों को मारने के लिए विशेष शूटर्स तैनात किए हैं. अब तक चार भेड़ियों को मार गिराया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद हमले थमने का नाम नहीं ले रहे |
पांच साल के बच्चे को उठा ले गया भेड़िया
29 नवंबर को भी बहराइच के मल्लाहनपुरवा गांव में पांच साल के मासूम को भेड़िया घर से उठाकर ले गया था. बाद में उसका क्षत-विक्षत शव मिला था, जिसमें दोनों हथेलियां और पंजे गायब थे |
10 महीने की बच्ची को उठा ले गया भेड़िया
उसी दिन ऐसी ही घटना बहराइच से करीब 70 किलोमीटर दूर खोरिया सफीक गांव में हुई. यहां देर रात करीब डेढ़ बजे मां के बगल में सो रही 10 महीने की बच्ची को भेड़िया उठा ले गया. चीख-पुकार सुनकर परिजनों ने पीछा किया, लेकिन दो घंटे बाद बच्ची का शव घर से 800 मीटर दूर खेत में मिला. लगातार हो रही इन घटनाओं ने प्रशासन और वन विभाग की चुनौतियां बढ़ा दी हैं. ग्रामीणों में भय व्याप्त है और लोग रात में बच्चों को लेकर बेहद सतर्क रहने को मजबूर हैं|


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