अमेरिका के बिना खुद की रक्षा नहीं कर सकता यूरोप, इसके लिए बढ़ाना होगा रक्षा खर्च
वॉशिंगटन। नाटो के महासचिव मार्क रुट ने ब्रुसेल्स में यूरोपीय संसद को संबोधित करते हुए चेतावनी दी कि यूरोप अमेरिका के बिना खुद की रक्षा नहीं कर सकता है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक रुट ने कहा कि अगर वे वास्तव में अकेले ही ऐसा करना चाहते हैं तो उन्हें अपने रक्षा खर्च को 10फीसदी तक बढ़ाना होगा, अपनी परमाणु क्षमता का निर्माण करना होगा, जिसकी लागत अरबों यूरो होगी। अभी नाटो के खर्च में यूरोपीय देशों का कुल योगदान केवल 30फीसदी है, जो देशों की जीडीपी का औसतन 2फीसदी है।
रिपोर्ट के मुताबिक रुट ने ट्रम्प के आर्कटिक क्षेत्र और ग्रीनलैंड की मजबूत रक्षा की रणनीति का समर्थन किया। रुट ने कहा कि उन्होंने ट्रम्प को उनकी बढ़ती धमकियों से पीछे हटने के लिए मनाया और ग्रीनलैंड को लेकर समझौते की दिशा में ले जाने की कोशिश की। ट्रम्प ने 21 जनवरी को दावोस में रुट के साथ ग्रीनलैंड को लेकर बातचीत की थी। डेनमार्क और ग्रीनलैंड के नेता इस बात से नाराज हो गए थे कि ट्रम्प और रुट उनके पीठ पीछे ग्रीनलैंड के भविष्य पर बात कर रहे हैं। यूरोपीय संसद के कई सदस्यों ने रुट से पूछा कि उन्होंने ट्रम्प से क्या चर्चा की और इसका डेनमार्क व ग्रीनलैंड पर क्या असर होगा।
बता दें ट्रम्प ने पिछले हफ्ते दावा किया था कि ग्रीनलैंड के भविष्य को लेकर नाटो के साथ एक समझौते का ढांचा तैयार हो गया है, जिससे यूरोप में राहत मिली, हालांकि कई लोग चिंतित हैं कि ट्रम्प अपना मन बदल सकते हैं। रुट ने कहा कि 70 साल बाद भी यूरोप अमेरिकी सैन्य शक्ति पर निर्भर है। यूरोप को अपनी मजबूत रक्षा के लिए बहुत अधिक खर्च करना होगा, यहां तक कि अपना परमाणु हथियार बनाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि 2035 तक 5फीसदी जीडीपी रक्षा खर्च काफी नहीं, इसे 10फीसदी तक ले जाना होगा। उस स्थिति में आप हमारी स्वतंत्रता के अंतिम गारंटर यानी अमेरिकी परमाणु सुरक्षा कवच को खो देंगे। अगर यूरोप अकेला चल सके तो मेरी ओर से शुभकामनाएं। रुट ने ट्रम्प की बात दोहराई कि चीन और रूस आर्कटिक सुरक्षा के लिए खतरा बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि ट्रम्प अच्छा काम कर रहे हैं, मैं जानता हूं कि इससे कई लोग चिढ़ रहे हैं।


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