MP में फर्जी अफसर का खेल खत्म, नौकरी दिलाने का देता था लालच
भोपाल। मध्य प्रदेश पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है जो कि फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर नौकरी दिलवाने को नाम पर ठगी करता था. मध्य प्रदेश के सागर जिले के शाहगढ़ थाना क्षेत्र में पुलिस ने नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. ये आरोपी खुद को डीएसपी और आरक्षक अधिकारी बता कर लोगों के साथ ठगी करते थे. सागर पुलिस ने इन सभी को शाहगढ़ स्थित ‘चायगढ़ कैफे’ से गिरफ्तार किया है. इसके पास से पुलिस की वर्दी और बिना नंबर की नई बोलेरो बरामद की गई है।
होमगार्ड की नौकरी लगवाने के बहाने ठगते थे लाखों रुपये
थाना प्रभारी संदीप खरे ने इसके बारे में जानकारी देते हुए बताया है ‘ये सभी आरोपी होमगार्ड की नौकरी लगवाने के बहाने युवाओं से मोटी रकम ऐठ रहे थे. इस मामले का पता तब चला जब एक फरियादी को उनकी गतिविधियों पर संदेह हो गया, उसने तुरंत शाहगढ़ पुलिस को इसकी सूचना दी.’ फरियादी ने अपनी शिकायत में कहा है कि शिवम चतुर्वेदी नामक युवक स्वयं को जबलपुर में पदस्थ डीएसपी बताकर होमगार्ड में नौकरी लगवाने का प्रलोभन दे रहा था. फर्जी डीएसपी शिवम चतुर्वेदी ने नियुक्ति के नाम पर ₹1,00,000 की मांग की थी।
कैसे पकड़े गए तीनों आरोपी?
इतना ही नहीं शिवम चतुर्वेदी ने खुद को प्रभावशाली अधिकारी बताकर जल्द से जल्द भर्ती करवाने का भरोषा भी दिलवाया था, तभी फरयादी को उसके हाव-भाव और बातचीत पर शक हो गया. पूछताछ और डॉक्यूमंट्स की जांच में स्पष्ट हुआ कि तीनों आरोपी वास्तविक पुलिस अधिकारी या कर्मचारी नहीं हैं. वे सुनियोजित तरीके से फर्जी पहचान बनाकर नौकरी के नाम पर ठगी करने की साजिश रच रहे थे. तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज कर लिया गया है. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने अब तक कितने लोगों से संपर्क किया और कहीं किसी से ठगी तो नहीं की।
ये रहे गिरफ्तार आरोपियों के नाम
शिवम चतुर्वेदी-फर्जी डीएसपी
राजकुमार ठाकुर-फर्जी आरक्षक, निवासी बरही, जबलपुर
सतीश सिंह ठाकुर-फर्जी आरक्षक, निवासी बरही, जबलपुर


समान नागरिक संहिता को व्यापक जनसमर्थन
माँ चन्द्रहासिनी आरोग्य धाम बनेगा जनसेवा का नया केंद्र : वित्त मंत्री ओपी चौधरी
धमतरी जिले में 200 एकड़ से बढ़ाकर 600 एकड़ तक औषधीय खेती के विस्तार का लक्ष्य
मध्यप्रदेश पुलिस की साइबर अपराधियों पर लगातार कार्रवाई
इंदौर और विकास हैं एक दूसरे के पर्याय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव