मिडिल ईस्ट टेंशन का असर: तेल की कीमतों में उछाल, फेड ने ब्याज दरें नहीं बदलीं
पश्चिम एशिया। में बढ़ते तनाव के बीच गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखा गया। ब्रेंट क्रूड 4% से अधिक बढ़कर 112.17 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता गहरा गई है। तेल की कीमतों में यह तेजी इस्राइल और ईरान के बीच बढ़ते टकराव के बाद आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस्राइल ने ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड को निशाना बनाया, जिसके जवाब में ईरान ने कतर के रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी पर हमला किया। रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी दुनिया के सबसे बड़े एलएनजी (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) उत्पादन केंद्रों में से एक है। कतर के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस पर ईरान की ओर से बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया गया, जिससे भारी नुकसान हुआ। पिछले 12 घंटों में इस अहम ऊर्जा केंद्र पर यह दूसरा हमला है।
फेड ने दूसरी बार ब्याज दरों में नहीं किया बदलाव
अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने बुधवार को अपनी प्रमुख ब्याज दर को 3.5% से 3.75% के दायरे में यथावत रखने का फैसला किया। फेड ने कहा कि आर्थिक गतिविधियां मजबूत बनी हुई हैं, हालांकि महंगाई अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई है और वैश्विक परिस्थितियों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। फेड की ओर से जारी बयान में कहा गया कि रोजगार वृद्धि सीमित रही है, जबकि बेरोजगारी दर में हाल के महीनों में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है। केंद्रीय बैंक ने अपने दोहरे लक्ष्य अधिकतम रोजगार और दीर्घकाल में 2% महंगाई को दोहराते हुए कहा कि इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए वह प्रतिबद्ध है।


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