स्वाद के साथ सेहत भी जरूरी, खाना बनाते समय तेल का करें सीमित उपयोग
एक अच्छा और निरोगी स्वास्थ्य सिर्फ इस बात पर निर्भर नहीं करता कि आप अपनी थाली में कितना पौष्टिक भोजन ले रहे हैं, बल्कि इस पर भी निर्भर करता है कि उसे पकाया किस तरह गया है। खाना पकाने की गलत आदतें अच्छे-भले पौष्टिक भोजन के गुणों को भी नष्ट कर देती हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया है कि 'स्मार्ट कुकिंग' की छोटी-छोटी आदतें अपनाकर हम अपने दैनिक भोजन को अधिक स्वास्थ्यवर्धक और स्वादिष्ट बना सकते हैं। मंत्रालय ने विशेष रूप से भोजन में तेल की मात्रा और खाना पकाने के तरीकों को लेकर जरूरी गाइडलाइंस जारी की हैं।
चम्मच से नापकर ही डालें तेल: कैलोरी और वसा पर लगेगा अंकुश
अक्सर देखा जाता है कि लोग खाना बनाते समय अंदाजे से सीधे बोतल या डिब्बे से कड़ाही में तेल डाल देते हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, यह आदत भोजन में अनजाने ही वसा (फैट) की मात्रा को अत्यधिक बढ़ा देती है।
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चम्मच का करें इस्तेमाल: खाना बनाते समय तेल हमेशा चम्मच से नापकर ही डालना चाहिए। इससे तेल की मात्रा नियंत्रित रहती है और शरीर में अतिरिक्त कैलोरी जाने से बच जाती है।
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हार्ट रहेगा सुरक्षित: कम तेल और कम चिकनाई में बना भोजन हमारे दिल (हृदय) के स्वास्थ्य के लिए अमृत समान है। यह आदत मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप) और शरीर में बढ़ते बैड कोलेस्ट्रॉल के खतरे को काफी हद तक कम कर देती है।
डीप फ्राई (तलने) के बजाय अपनाएं ये 4 सेहतमंद तरीके
तले हुए खाने से दूरी है जरूरी: समोसे, पकौड़े, चिप्स और पूड़ियां जैसी तली-भुनी चीजें स्वाद में तो बहुत अच्छी लगती हैं, लेकिन इनमें ट्रांस फैट और कैलोरी की मात्रा बहुत अधिक होती है। लगातार ऐसी चीजों का सेवन करने से मोटापा, डायबिटीज (मधुमेह) और दिल की बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। अगर आपका मन हो भी, तो इसे कभी-कभार और बेहद सीमित मात्रा में ही खाएं।
मंत्रालय ने सलाह दी है कि भोजन को सीधे तेल में तलने (डीप फ्राई) के बजाय नीचे दिए गए तरीकों से पकाना ज्यादा फायदेमंद होता है:
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भाप में पकाना (स्टीमिंग): सब्जियों को भाप में पकाने से उनके अंदर मौजूद जरूरी विटामिन्स और मिनरल्स (खनिज) पूरी तरह सुरक्षित रहते हैं।
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उबालना (बॉयलिंग) या हल्का भूनना (सॉते): यह तरीका भोजन को सुपाच्य (पचने में आसान) बनाता है और उसके पोषक तत्वों को नष्ट होने से बचाता है।
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ग्रिलिंग या रोस्टिंग: इस विधि से खाना बहुत ही कम तेल में तैयार हो जाता है और भोजन का प्राकृतिक स्वाद भी बरकरार रहता है।
ताजी सामग्री और कम आंच पर पकाने का नियम
स्मार्ट कुकिंग का एक और अहम हिस्सा यह है कि रसोई में हमेशा ताजी हरी सब्जियों, फलों, दालों और साबुत अनाज को प्राथमिकता दें। सब्जियों को बहुत ज्यादा देर तक या तेज आंच पर नहीं पकाना चाहिए। उन्हें सिर्फ उतना ही पकाएं जिससे उनका प्राकृतिक रंग और कुरकुरापन (क्रंच) गायब न हो। ज्यादा पकाने से उनके न्यूट्रिएंट्स खत्म हो जाते हैं।इसके साथ ही, भोजन में नमक और चीनी का संतुलित उपयोग करें, क्योंकि इनकी अधिकता कई गंभीर बीमारियों की जड़ है। मंत्रालय ने निष्कर्ष में कहा है कि बाहर के जंक फूड की तुलना में घर का बना ताजा और सीमित मसालों वाला भोजन ही दीर्घायु और स्वस्थ जीवन का एकमात्र आधार है।


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