दतिया उपचुनाव में टिकट विवाद गरमाया, प्रदर्शन के बाद धारा 163 लागू; मिश्रा ने कार्यकर्ताओं को समझाया
भोपाल। दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी द्वारा टिकट वितरण के बाद उपजा असंतोष अब हिंसक विरोध प्रदर्शन में तब्दील हो गया है। पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के स्थान पर आशुतोष तिवारी को प्रत्याशी बनाए जाने से नाराज कार्यकर्ताओं का गुस्सा इस कदर फूटा कि पूरे इलाके में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ गई। हालात को बेकाबू होते देख जिला प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए पूरे दतिया क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम लागू कर दिए हैं।
सियासी घमासान के बीच दतिया में धारा 163 लागू
चुनावी टिकट कटने के बाद उपजे भारी जनाक्रोश और उग्र आंदोलन को थामने के लिए जिला मजिस्ट्रेट ने तत्काल प्रभाव से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू कर दी है। इस प्रशासनिक आदेश के तहत अब पूरे दतिया क्षेत्र में बिना पूर्व अनुमति के किसी भी प्रकार के धरने, प्रदर्शन, जुलूस या जनसभा पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की भड़काऊ सामग्री पोस्ट करने और एक स्थान पर पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एकत्रित होने को प्रतिबंधित कर दिया गया है ताकि शांति व्यवस्था बहाल की जा सके।
नरोत्तम मिश्रा ने कार्यकर्ताओं से की शांति बनाए रखने की भावुक अपील
इस पूरे घटनाक्रम और बढ़ते तनाव के बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने खुद सामने आकर मोर्चा संभाला और शनिवार को अपने समर्थकों व पार्टी कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने की पुरजोर अपील की। पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि संगठन के निर्णय का सभी को सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं को समझाते हुए कहा कि आत्मदाह या पेट्रोल-केरोसिन डालने जैसे आत्मघाती कदम उठाना किसी समस्या का हल नहीं है और यदि विचारों में कोई असहमति है, तो उसे सड़क पर लाने के बजाय पार्टी के आंतरिक मंच पर ही रखा जाना चाहिए।
ग्वालियर-झांसी हाईवे पर बारह घंटे तक रहा चक्काजाम
टिकट घोषणा के बाद भड़का जनआक्रोश शुक्रवार की शाम साढ़े पांच बजे सड़क पर उतर आया, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने ग्वालियर-झांसी राष्ट्रीय राजमार्ग को पूरी तरह ठप कर दिया। यह चक्काजाम शनिवार सुबह पांच बजे तक यानी करीब बारह घंटे तक लगातार जारी रहा, जिससे इस व्यस्त मार्ग पर पंद्रह से बीस किलोमीटर लंबा वाहनों का महाजाम लग गया और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस भीषण जाम और बवाल को देखते हुए ही कलेक्टर ने स्थिति को नियंत्रण में लेने के लिए कड़े प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प में कई अफसर जख्मी
शनिवार तड़के करीब साढ़े चार बजे जब पुलिस ने हाईवे को खाली कराने का प्रयास किया, तो प्रदर्शनकारी उग्र हो गए और पुलिस बल पर पथराव शुरू कर दिया। इस अचानक हुए हमले में जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) और भांडेर एसडीओपी सहित लगभग आठ पुलिसकर्मी गंभीर रूप से चोटिल हो गए। अनियंत्रित भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस प्रशासन को आंसू गैस के गोलों का सहारा लेना पड़ा, जिसके बाद प्रदर्शनकारी वहां से हटकर नजदीक बने भाजपा कार्यालय की तरफ चले गए, हालांकि जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भीड़ पर किसी प्रकार का लाठीचार्ज नहीं किया गया है।


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