100% पेट्रोल चाहिए तो जेब करनी होगी ढीली, गडकरी ने बताई वजह
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के इस्तेमाल पर अपना रुख साफ करते हुए कहा है कि इस अभियान में उनका कोई निजी स्वार्थ नहीं जुड़ा है। वे लंबे समय से देश में हरित और स्वच्छ ईंधन के विकास की पैरवी करते आ रहे हैं। गडकरी के अनुसार, उनका ध्यान केवल इथेनॉल पर ही नहीं है, बल्कि वे ग्रीन हाइड्रोजन, इलेक्ट्रिक गाड़ियों और भविष्य के अन्य सभी सुरक्षित ईंधन विकल्पों को समान रूप से प्रोत्साहित कर रहे हैं।
पारिवारिक व्यवसाय को लेकर दी सफाई
अपने बेटों के कारोबार पर खुलकर चर्चा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि उनके बेटों के व्यावसायिक उपक्रमों में इथेनॉल से संबंधित काम का हिस्सा बेहद नाममात्र है। इस क्षेत्र से होने वाली आय का उनके कुल कारोबार के मुनाफे पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ता है, इसलिए व्यक्तिगत लाभ के आरोप पूरी तरह निराधार हैं।
करोड़ों रुपये के कर्ज का ब्योरा
गडकरी ने अपने बेटों के व्यापार की वित्तीय स्थिति को उजागर करते हुए बताया कि इस कारोबार पर लगभग 1600 करोड़ रुपये का बड़ा कर्ज भी है। इस भारी देनदारी का उल्लेख करते हुए उन्होंने यह स्पष्ट किया कि उनके परिवार का यह व्यवसाय किसी बड़े फायदे में नहीं है, बल्कि भारी वित्तीय दबाव के दौर से गुजर रहा है।


राशिफल 24 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना बनी आर्थिक संबल
बाल श्रम पर जीरो टॉलरेंस, हर मुक्त बच्चे के पुनर्वास पर होगा विशेष फोकस
महिला एशियन चैंपियनशिप की तैयारियों को लेकर मंत्री सारंग नाथुबरखेड़ा अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स का किया निरीक्षण
समान नागरिक संहिता को व्यापक जनसमर्थन