फरियाद करते-करते थक गई महिला, आखिर पानी की टंकी पर चढ़कर जताया विरोध
गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन पर उस समय हड़कंप मच गया, जब एक महिला अपनी न्याय की गुहार प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए प्लेटफॉर्म नंबर-नौ के पास स्थित विशालकाय पानी की टंकी पर जा चढ़ी। महिला को इतनी ऊंचाई पर देखकर स्टेशन पर मौजूद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। इस आत्मघाती कदम की जानकारी मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF), राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) और स्थानीय जिला प्रशासन के आला अधिकारी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे।
घंटों की कड़ी मशक्कत और मान-मनौव्वल के बाद महिला को सुरक्षित नीचे उतारा गया
पानी की टंकी पर चढ़ी महिला को समझाने के लिए अधिकारियों को काफी पसीना बहाना पड़ा। घंटों चले इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद, अधिकारियों द्वारा मामले की उचित जांच और पूरी मदद का ठोस भरोसा दिए जाने पर महिला शांत हुई और उसे सुरक्षित नीचे उतारा जा सका। राहत की सांस लेते ही पुलिस प्रशासन ने महिला को हिरासत में लेकर शाहपुर थाने भेजा, जहाँ महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में उससे इस कदम को उठाने के पीछे की वजहों पर विस्तृत पूछताछ की जा रही है। जांच में महिला की पहचान मऊ जिले के रानीपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले अकबरपुर गांव की निवासी सपना सिंह के रूप में हुई है।
मुख्यमंत्री को लिखा शिकायती पत्र: दबंग ग्राम प्रधान पर लगाया जमीन हड़पने का आरोप
पूछताछ के दौरान महिला के पास से सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित एक शिकायती पत्र बरामद हुआ है, जिसमें उसने अपने गांव के मौजूदा ग्राम प्रधान पर गंभीर और चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। पीड़ित महिला का कहना है कि उनके गांव का प्रधान बेहद रसूखदार, दबंग और मनबढ़ प्रवृत्ति का व्यक्ति है, जिसने सत्ता और ताकत के बल पर उसकी कीमती पैतृक भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करवा दिया है। महिला का आरोप है कि उसकी निजी जमीन को हड़पने के उद्देश्य से प्रधान ने उस भूखंड पर एक दिव्यांग महिला के नाम पर स्वीकृत हुए प्रधानमंत्री आवास योजना के मकान का जबरन निर्माण करवा दिया।
विरोध करने पर मारपीट, मोबाइल तोड़ा और पीड़ित परिवार पर ही दर्ज करा दी एफआईआर
पीड़िता सपना सिंह का आरोप है कि जब उसने और उसके परिवार ने अपनी निजी जमीन पर हो रहे इस अवैध निर्माण का डटकर विरोध किया, तो ग्राम प्रधान और उसके गुर्गों ने उनके साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट की। इस दौरान बीच-बचाव करने पर आरोपियों ने महिला का मोबाइल फोन भी छीनकर जमीन पर पटक कर तोड़ दिया ताकि वे पुलिस को न बुला सकें।
अन्याय की पराकाष्ठा यहीं नहीं रुकी; दबंग प्रधान ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर उल्टा पीड़ित महिला, उसके पति और उसके वृद्ध सास-ससुर के खिलाफ ही थाने में एक झूठी प्राथमिकी (FIR) दर्ज करवा दी, जिससे उनका पूरा परिवार कानूनी पचड़ों में फंस गया। महिला ने यह भी बताया कि इसके बाद से प्रधान उन्हें लगातार गांव छोड़ने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दे रहा है।
आठ महीने से दफ्तरों के चक्कर काट रही थी पीड़िता, प्रशासन ने दिया निष्पक्ष जांच का भरोसा
महिला ने रोते हुए अधिकारियों को बताया कि वह पिछले आठ महीनों से अपनी फरियाद लेकर जिले के तमाम छोटे-बड़े प्रशासनिक अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काट रही है, लेकिन दबंग के रसूख के आगे उसकी कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। हर जगह से निराशा हाथ लगने के बाद हताश होकर उसने अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाने के लिए यह आत्मघाती रास्ता चुना।
इस घटना के बाद गोरखपुर के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने मऊ जिला प्रशासन से तुरंत संपर्क साधा है। अधिकारियों ने पीड़ित महिला को ढांढस बंधाया और उसकी शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पूरी भूमि विवाद की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी ग्राम प्रधान के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने का लिखित आश्वासन दिया है।


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