जेल में शालिग्राम गर्ग को वीआईपी सुविधा देने के आरोपों से गर्माया जेल का माहौल
कैदियों के विरोध की खबर के बीच सतना से अधीक्षिका लीना कोस्टा ने किया औचक निरीक्षण,आरोपों को गलत बताया
छतरपुर। जिला जेल छतरपुर में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग को कथित तौर पर विशेष सुविधाएं दिए जाने के आरोपों के बाद जेल का माहौल चर्चा का विषय बना हुआ है। सूत्रों के अनुसार शालिग्राम गर्ग के लिए जेल में विशेष पलंग, कूलर सहित अन्य व्यवस्थाएं की गईं, जिससे अन्य बंदियों में नाराजगी फैल गई और उन्होंने इसका विरोध भी जताया। बताया जा रहा है कि जेल प्रहरी यूसी मिश्रा द्वारा इन व्यवस्थाओं की गई थीं। वहीं यह भी चर्चा है कि शालिग्राम गर्ग बैरक में सामान्य बंदियों की तरह जमीन पर पंखे के नीचे सोने को तैयार नहीं थे।
इसी बीच मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय जेल सतना की अधीक्षिका लीना कोस्टा ने शुक्रवार को जिला जेल छतरपुर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद पत्रकारों से चर्चा में उन्होंने कहा कि यह नियमित निरीक्षण था और जेल में किसी भी बंदी को वीआईपी सुविधा दिए जाने जैसी कोई व्यवस्था नहीं है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि हमारी जेलों में कोई वीआईपी नहीं होता और न ही किसी विशेष व्यक्ति को अलग से विशेष सुविधाएं दी जाती हैं।
पत्रकारों द्वारा बीते दिनों जेल प्रहरियों द्वारा मीडिया के साथ कथित अभद्रता का मुद्दा उठाने पर लीना कोस्टा ने कहा कि वीडियो सामने आने के बाद संबंधित जेल प्रहरियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई छतरपुर जेल अधीक्षक द्वारा की जाएगी।
हालांकि दूसरी ओर जेल से लगातार ऐसी खबरें सामने आती रही हैं कि पैसे के दम पर बंदियों तक विभिन्न प्रकार का सामान आसानी से पहुंचाया जाता है। यदि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच होती है तो जिला जेल की व्यवस्थाओं और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं।
(नोट: शालिग्राम गर्ग को विशेष सुविधाएं दिए जाने और कैदियों के विरोध संबंधी दावे सूत्रों के हवाले से हैं। इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, जबकि निरीक्षण के दौरान अधीक्षिका लीना कोस्टा ने ऐसे सभी आरोपों से इनकार किया है।)



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