सरकारी अस्पताल में 'सेवा' या 'सौदा'?
इंजेक्शन लगाने के बदले पैसे मांगने का आरोप
लवकुशनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्टाफ नर्स पर रिश्वत मांगने का आरोप
मरीज ने सीएम हेल्पलाइन और बीएमओ से की शिकायत
अरविंद द्विवेदी
लवकुशनगर। सरकारी अस्पतालों में मरीजों को निशुल्क उपचार उपलब्ध कराने के दावों के बीच लवकुशनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक स्टाफ नर्स पर इंजेक्शन लगाने के बदले मरीज से पैसे मांगने का आरोप लगा है। पीड़ित महिला ने मामले की शिकायत सीएम हेल्पलाइन और ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (बीएमओ) से कर कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ित अनसुइया ने बताया कि वह शुक्रवार दोपहर उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची थीं। चिकित्सक द्वारा जांच के बाद ओपीडी पर्चे पर दो इंजेक्शन लिखे गए। आरोप है कि इंजेक्शन लगाने के लिए स्टाफ नर्स रामरती कुशवाहा ने प्रति इंजेक्शन ₹50 की मांग की।
मरीज का आरोप है कि जब उन्होंने पैसे देने से इनकार किया तो स्टाफ नर्स ने नाराज होकर उनका पर्चा फेंक दिया और अस्पताल से चले जाने के लिए कह दिया। घटना से आहत मरीज ने तत्काल इसकी शिकायत सीएम हेल्पलाइन और बीएमओ से करते हुए दोषी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
इतना ही नहीं, अस्पताल में मौजूद कुछ अन्य मरीजों ने भी संबंधित स्टाफ नर्स के व्यवहार पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि मरीजों के साथ उनका व्यवहार अक्सर असंतोषजनक रहता है, जिससे उपचार के लिए आने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
अब शिकायत के बाद निगाहें स्वास्थ्य विभाग पर हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोप सही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है। यदि आरोप प्रमाणित होते हैं, तो यह सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करेगा।


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