शिवराज के गढ़ में किसानों का गुस्सा: मूंग तुलाई और खाद संकट पर सरकार के खिलाफ फूटा आक्रोश
केंद्रीय कृषि मंत्री के गृह क्षेत्र में मुख्यमंत्री का पुतला दहन, कांग्रेस बोली—'किसान बदहाल, सरकार बेखबर'
संजय कलमोर सीहोर। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रभाव क्षेत्र बुधनी में किसानों का गुस्सा अब सड़कों पर दिखाई देने लगा है। मूंग की तुलाई में अव्यवस्था, खाद-बीज की कमी और किसानों की लगातार बढ़ती परेशानियों को लेकर कांग्रेस ने किसानों के साथ मिलकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, कृषि मंत्री ऐंदल सिंह कंसाना और बुधनी विधायक रमाकांत भार्गव के पुतले जलाए गए। इस प्रदर्शन ने प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी शाहगंज के बैनर तले आयोजित प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि खरीफ सीजन के सबसे महत्वपूर्ण समय में किसान सरकारी तंत्र की लापरवाही का शिकार हो रहे हैं। मूंग की तुलाई केंद्रों पर अव्यवस्था के कारण किसानों को कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि खाद और बीज की पर्याप्त उपलब्धता भी नहीं है।
'किसान परेशान, सरकार मौन'
किसानों का कहना है कि सरकारी खरीद केंद्रों पर मूंग की तुलाई बेहद धीमी गति से हो रही है, जिससे उनकी उपज खराब होने का खतरा बढ़ रहा है। दूसरी ओर खाद और बीज की कमी ने खेती की तैयारियों को प्रभावित कर दिया है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है।
शिवराज के राजनीतिक गढ़ में प्रदर्शन से बढ़े सियासी मायने
बुधनी विधानसभा क्षेत्र लंबे समय तक शिवराज सिंह चौहान का राजनीतिक गढ़ रहा है और वर्तमान में भी यह क्षेत्र उनकी राजनीतिक पहचान का केंद्र माना जाता है। ऐसे में किसानों का इसी क्षेत्र में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन और पुतला दहन राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विपक्ष इसे किसानों की नाराजगी का संकेत बता रहा है।
सगोनिया और बकतरा में गूंजे सरकार विरोधी नारे
मध्य प्रदेश किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान और पूर्व विधायक देवकुमार पटेल के नेतृत्व में सगोनिया चौराहा और बकतरा बस स्टैंड पर प्रदर्शन हुआ। कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए किसानों की समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग की।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, लेकिन किसान नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि मूंग की तुलाई व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया और खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं हुई, तो आंदोलन को पूरे प्रदेश में और व्यापक किया जाएगा।
फिलहाल, केंद्रीय कृषि मंत्री के गृह क्षेत्र में किसानों के इस प्रदर्शन ने सरकार पर राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर दबाव बढ़ा दिया है।


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