'6 लाख दो... नहीं तो इज्जत सरेआम नीलाम कर देंगे'
मरने से पहले 6 मिनट के वीडियो में खोले कई राज, तीन दिन तक गुहार के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप; शव रखकर दो घंटे तक हाईवे जाम
संजय कलमोर
गोपालपुर(सीहोर)। सीहोर जिले के गोपालपुर थाना क्षेत्र में एक युवक की मौत ने पुलिस व्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहर खाने से पहले युवक ने 6 मिनट का वीडियो बनाकर अपनी पत्नी और उसके कथित प्रेमी पर ब्लैकमेलिंग, मानसिक प्रताड़ना और लाखों रुपये वसूलने जैसे सनसनीखेज आरोप लगाए। युवक की मौत के बाद गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने शव को गोपालपुर थाने के सामने रखकर करीब दो घंटे तक राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर दिया।
'बहन' कहकर बनाया भरोसा, फिर शुरू हुआ ब्लैकमेल का खेल
मृतक मनीष पवार के परिजनों का आरोप है कि वह अपनी पत्नी के साथ भेरूंदा में किराए के मकान में रहता था। मकान मालिक कीर्तन यादव ने पहले पत्नी को अपनी "बहन" बताकर घर में विश्वास कायम किया, लेकिन बाद में दोनों के बीच कथित संबंध बन गए। आरोप है कि इसके बाद निजी तस्वीरों के जरिए मनीष को लगातार ब्लैकमेल किया गया।
'₹6 लाख दे चुका... फिर भी नहीं छोड़ा पीछा'
मनीष द्वारा मौत से पहले रिकॉर्ड किए गए वीडियो में दावा किया गया कि बदनामी के डर से उसने आरोपियों को करीब 6 लाख रुपये दिए, लेकिन इसके बाद भी धमकियां और ब्लैकमेलिंग जारी रही। वीडियो में उसने अपनी मौत के लिए कथित रूप से जिम्मेदार लोगों के नाम भी बताए।
तीन दिन तक थाने के चक्कर, नहीं सुनी गई फरियाद?
परिजनों का आरोप है कि मनीष लगातार तीन दिनों से गोपालपुर थाने में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग कर रहा था, लेकिन पुलिस ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उनका कहना है कि यदि शिकायत पर तत्काल कार्रवाई होती तो शायद आज मनीष जिंदा होता।
मौत के बाद फूटा गुस्सा, थाने के सामने हाईवे पर शव रखकर प्रदर्शन
युवक की मौत की खबर मिलते ही सैकड़ों ग्रामीण और परिजन आक्रोशित हो उठे। उन्होंने शव को गोपालपुर थाने के सामने राष्ट्रीय राजमार्ग पर रखकर चक्काजाम कर दिया। करीब दो घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
आश्वासन के बाद शांत हुआ मामला
बाद में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और निष्पक्ष जांच तथा आरोपियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद परिजनों ने प्रदर्शन समाप्त किया और यातायात बहाल हो सका।
(नोट: खबर में उल्लिखित आरोप मृतक के वीडियो और परिजनों के दावों पर आधारित हैं। इनकी पुष्टि पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।)


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