चार बड़े कारणों से फिसला बाजार, Sensex में गिरावट और Nifty पर दबाव
मुंबई: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव की छाया घरेलू शेयर बाजार पर साफ देखने को मिल रही है। साप्ताहिक एक्सपायरी के दिन भारतीय बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार के दौरान सेंसेक्स करीब 300 अंक तक टूट गया, जबकि निफ्टी 50 फिसलकर 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे आ गया। हालांकि, व्यापक बाजार में स्थिति थोड़ी बेहतर रही और निफ्टी मिडकैप 100 तथा स्मॉलकैप 100 सूचकांकों में हल्की बढ़त दर्ज की गई। सुबह 10:56 बजे के आसपास सेंसेक्स 245.51 अंक यानी 0.32 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 77,463.01 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 59.05 अंक फिसलकर 24,179.45 के स्तर पर बना हुआ था।
पश्चिम एशिया में गहराते संकट ने बिगाड़ा बाजार का मूड
मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष के गंभीर मोड़ पर पहुंचने से वैश्विक बाजारों के साथ-साथ घरेलू निवेशकों की धारणा पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। रिपोर्टों के अनुसार अमेरिकी सेना द्वारा ईरान के सैन्य ठिकानों पर लगातार हवाई हमले किए जाने से भू-राजनीतिक अनिश्चितता काफी बढ़ गई है। इस बढ़ते तनाव ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है, जिससे भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली का दबाव देखा जा रहा है। इसके साथ ही आज निफ्टी के इंडेक्स डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की साप्ताहिक एक्सपायरी होने के कारण भी बाजार में उतार-चढ़ाव काफी बढ़ गया है।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार जारी है बिकवाली
शेयर बाजार में गिरावट की एक प्रमुख वजह विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा लगातार की जा रही बिकवाली भी है। आंकड़े दर्शाते हैं कि विदेशी निवेशकों ने लगातार छठे कारोबारी दिन भारतीय बाजार में शुद्ध बिकवाली दर्ज की। हालिया कारोबारी सत्र में FIIs ने ₹1,121.04 करोड़ मूल्य के शेयरों की बिक्री की। पिछले छह दिनों के आंकड़ों को मिलाकर देखें तो विदेशी संस्थागत निवेशक भारतीय इक्विटी बाजार से कुल मिलाकर ₹10,240.8 करोड़ की पूंजी निकाल चुके हैं, जिससे घरेलू सूचकांकों पर लगातार दबाव बना हुआ है।
आईटी, ऑटो और बैंकिंग सेक्टरों के शेयरों पर बढ़ा दबाव
क्षेत्रवार प्रदर्शन की बात करें तो बाजार की इस गिरावट की अगुवाई मुख्य रूप से आईटी और ऑटोमोबाइल सेक्टर कर रहे हैं, जिनके निफ्टी इंडेक्स में लगभग आधा प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा पीएसयू बैंक और फार्मास्यूटिकल सेक्टर के शेयरों में भी बिकवाली का रुझान देखने को मिला, जिससे इनके सूचकांक लाल निशान में कारोबार करते पाए गए। हालांकि फिलहाल किसी भी सेक्टर इंडेक्स में 1 फीसदी से अधिक की बड़ी उथल-पुथल नहीं देखी गई है, लेकिन प्रमुख क्षेत्रों में तेजी का अभाव रहने से बाजार को सहारा नहीं मिल पा रहा है।


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