गोल्ड ETF में बंपर उछाल, AUM 1.71 लाख करोड़ के पार
नई दिल्ली। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच निवेशकों ने सुरक्षित विकल्प के रूप में सोने जैसी कीमती धातु पर भरोसा जताया है। जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में गोल्ड ईटीएफ (गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) में जबरदस्त निवेश देखने को मिला। भारतीय म्यूचुअल फंड संघ (एम्फी) के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी-मार्च अवधि के दौरान गोल्ड ईटीएफ में कुल 31,561 करोड़ रुपये का निवेश हुआ, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले करीब छह गुना अधिक है। जनवरी-मार्च 2025 में यह आंकड़ा 5,654 करोड़ रुपये था।
मजबूत निवेश के चलते गोल्ड ईटीएफ की कुल प्रबंधित परिसंपत्तियां (एयूएम) मार्च 2026 के अंत तक लगभग तीन गुना बढ़कर 1.71 लाख करोड़ रुपये हो गईं जो एक साल पहले 58,888 करोड़ रुपये थी। मार्च महीने में गोल्ड ईटीएफ में 2,266 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया, जो फरवरी के 5,255 करोड़ रुपये और जनवरी के 24,040 करोड़ की तुलना में कम रहा। विशेषज्ञों का कहना है कि बेहतर रिटर्न और बाजार में अस्थिरता के कारण सोना निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प बनकर उभरा है। मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट की वरिष्ठ विश्लेषक नेहल मेश्राम ने कहा, जनवरी में निवेश में असामान्य उछाल मुख्य रूप से जोखिम से बचाव की रणनीति, पोर्टफोलियो पुनर्संतुलन और सोने की कीमतों में तेजी के कारण आया। मार्च में प्रवाह धीमा होने के बावजूद निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है।
2266 करोड़ का शुद्ध निवेश आया मार्च में 6 गुना बढ़त हुई एक साल में गोल्ड लोन बाजार 3.8 गुना बढ़ा
मार्च 2022 से भारत का गोल्ड लोन पोर्टफोलियो 3.8 गुना बढ़ गया है। ट्रांसयूनियन सिबिल की गोल्ड लोन लैंडस्केप रिपोर्ट के अनुसार, भारत में गोल्ड लोन पोर्टफोलियो ने तेज रफ्तार से विस्तार किया है। इसके साथ ही गोल्ड लोन देश का दूसरा सबसे बड़ा फुटकर क्रेडिट उत्पाद बन गया है। कुल खुदरा उधार में गोल्ड लोन की हिस्सेदारी मार्च 2022 के 5.9 फीसदी से बढ़कर अब 11.1 फीसदी हो गई है। औसत गोल्ड लोन अधिशेष इस अवधि में बढ़कर मार्च 2022 के 1.1 लाख रुपये से दिसंबर 2025 में 1.9 लाख रुपये तक पहुंच गया। नए ऋण वितरण का मूल्य 5.1 गुना जबकि मात्रा 2.3 गुना बढ़ी है। गोल्ड लोन में सरकारी बैंकों की हिस्सेदारी 57 से बढ़कर 62 फीसदी हो गई है। एनबीएफसी की हिस्सेदारी बढ़कर 11 फीसदी तक पहुंच गई है। उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र में गोल्ड लोन की मांग तेजी से बढ़ी है।
क्या होता है गोल्ड ईटीएफ
गोल्ड ईटीएफ सोने में निवेश करने का एक डिजिटल तरीका है। इसमें कारोबार शेयर बाजार के जरिये होता है। यह म्यूचुअल फंड जैसा है, जिसकी एक यूनिट आमतौर पर 1 ग्राम भौतिक सोने (99.5 फीसदी शुद्धता) के बराबर होती है। इसकी इकाइयां डीमैट रूप में होती हैं। डीमैट खाते के जरिए इसे आसानी से खरीदा-बेचा जा सकता है। निवेशकों को सोने के दाम के उतार-चढ़ाव का लाभ भी मिलता है।


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