वैश्विक ऊर्जा संकट गहराया: कतर पर हमले के बीच भारत-नॉर्वे सहयोग मजबूत
नई दिल्ली। उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत नॉर्वे के साथ अपनी साझेदारी को अहम मानता है और दोनों देश द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने, बदलते भू-राजनीतिक हालात का सामना करने और विश्व व्यापार संगठन (WTO) में सार्थक सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। गोयल ने गुरुवार को नॉर्वे के विदेश मंत्री एस्पेन बार्थ आइडे के साथ वर्चुअल बातचीत की। बातचीत के बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि यह चर्चा रचनात्मक रही और वह WTO की आगामी मंत्रीस्तरीय बैठक को सफल बनाने के लिए साथ मिलकर काम करने को लेकर उत्साहित हैं। उन्होंने लिखा कि भारत नॉर्वे के साथ अपनी साझेदारी को महत्व देता है। हम द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने, बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य से निपटने और WTO में सार्थक सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। वहीं, नॉर्वे के विदेश मंत्री एस्पेन बार्थ आइडे ने भी बातचीत को सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि WTO सुधारों के लिए बतौर फसिलिटेटर वह प्रमुख सदस्य देशों से लगातार चर्चा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि अगले सप्ताह कैमरून में होने वाले 14वें मंत्रीस्तरीय सम्मेलन से पहले यह संवाद अहम है।
कतर पर मिसाइल हमलों से वैश्विक ऊर्जा सप्लाई प्रभावित
कतर के रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी पर हुए मिसाइल हमलों ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को बड़ा झटका दिया है। इन हमलों के कारण कतर की तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) निर्यात क्षमता में 17 प्रतिशत की कमी आई है, जिससे भारत जैसे आयात-निर्भर देशों की चिंता बढ़ गई है। कतरएनर्जी ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि 18 मार्च और 19 मार्च 2026 की शुरुआती घंटों में हुए हमलों से प्रमुख उत्पादन सुविधाओं को भारी नुकसान पहुंचा है। कंपनी के अनुसार, इस घटना से सालाना करीब 20 अरब डॉलर के राजस्व का नुकसान होने का अनुमान है। ऊर्जा मामलों के राज्यमंत्री और कतरएनर्जी के अध्यक्ष व सीईओ साद शेरिदा अल-काबी ने कहा कि मिसाइल हमलों के चलते कतर की LNG निर्यात क्षमता में 17 प्रतिशत की कमी आई है और लगभग 20 अरब डॉलर के वार्षिक राजस्व का नुकसान हुआ है। उत्पादन सुविधाओं को हुए व्यापक नुकसान की मरम्मत में पांच साल तक का समय लग सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि इस स्थिति के चलते कंपनी को कुछ LNG अनुबंधों पर दीर्घकालिक फोर्स मेज्योर घोषित करना पड़ेगा।
एस्सार समूह की कंपनी मेसाबी मेटालिक्स को 10 अरब डॉलर तक का समर्थन
अमेरिका ने मिनेसोटा में एक बड़े खनिज और मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट के लिए एस्सार समूह की कंपनी मेसाबी मेटालिक्स को 10 अरब डॉलर तक की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की है। यह ऐलान यूएस एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट बैंक (EXIM) ने टोक्यो में आयोजित इंडो-पैसिफिक एनर्जी सिक्योरिटी मिनिस्ट्रियल और बिजनेस फोरम के दौरान किया। EXIM के मुताबिक, यह फंडिंग करीब 30 अरब डॉलर के रणनीतिक सौदों का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य इंडो-पैसिफिक सहयोगियों के साथ मिलकर अमेरिका की सप्लाई चेन को मजबूत करना है। फोरम में EXIM के प्रेसिडेंट और चेयरमैन जॉन जोवानोविक के साथ इंटीरियर सेक्रेटरी डग बर्गम और पर्यावरण संरक्षण एजेंसी (EPA) के एडमिनिस्ट्रेटर ली जेल्डिन समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मेसाबी मेटालिक्स मिनेसोटा में एक इंटीग्रेटेड आयरन ओर माइनिंग और प्रोसेसिंग सुविधा विकसित कर रही है, जो सालाना करीब 70 लाख टन हाई-ग्रेड डायरेक्ट-रिडक्शन आयरन ओर पेलेट्स का उत्पादन करेगी। ये आधुनिक स्टील निर्माण के लिए अहम कच्चा माल हैं। इस परियोजना से अमेरिका में सैकड़ों रोजगार भी सृजित होने की उम्मीद है।


कांग्रेस का नया दांव, मोहित नागर के जरिए आदिवासी इलाकों में पकड़ मजबूत करने की कोशिश
IPL 2026 से पहले बड़ा अपडेट, दोनों स्टार गेंदबाज नहीं खेलेंगे शुरुआती दौर
₹2929 करोड़ बैंक धोखाधड़ी केस में अनिल अंबानी से लगातार पूछताछ
‘धुरंधर 2’ के बहाने फिल्ममेकर्स पर बरसे रामगोपाल वर्मा
असलम चमड़ा मामले पर गरमाई राजनीति, रामेश्वर शर्मा और विश्वास सारंग के बयान