पीएनबी घोटाला: प्रत्यर्पण मामले की सुनवाई में सनसनीखेज घटनाक्रम देखने को मिलेंगे
लंदन। भगोड़े भारतीय व्यवसायी नीरव मोदी ने ब्रिटेन की अदालत को बताया है कि अगले महीने जब उनके भारतीय प्रत्यर्पण मामले की सुनवाई फिर से शुरू होगी, तो उसमें सनसनीखेज घटनाक्रम देखने को मिलेंगे। यह बयान उन्होंने 6,498 करोड़ रुपए के पीएनबी धोखाधड़ी के आरोपी के रूप में लंदन के रॉयल कोर्ट्स ऑफ जस्टिस में दिया। यह टिप्पणी बैंक ऑफ इंडिया के 80 लाख डॉलर के बकाया कर्ज से संबंधित एक अलग कार्यवाही के दौरान की गई।
नीरव मोदी मार्च 2019 में गिरफ्तारी के बाद से ही लंदन की जेल में हैं। वह धोखाधड़ी और धन शोधन के आरोपों में भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ मुकदमा लड़ रहे हैं। खुद को व्यक्तिगत रूप से वादी बताते हुए, मोदी ने अदालत में एक घिसी-पिटी सफेद टी-शर्ट और गुलाबी ट्रैक पैंट पहने हुए अपने हस्तलिखित नोट पढ़े। उन्होंने तर्क दिया कि कानूनी प्रक्रिया उनके लिए अनुचित है क्योंकि उनकी दृष्टि कमजोर है और जेल में उन्हें कंप्यूटर तक पहुंच नहीं मिल रहा है।
ब्रिटेन की क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस ने पुष्टि की है कि नीरव मोदी ने अपनी प्रत्यर्पण अपील को फिर से खोलने के लिए आवेदन दिया है। भारत सरकार ने इस पर अपना जवाब पहले ही जमा कर दिया है और मामले की सुनवाई नवंबर के अंत में होनी है। यह घटनाक्रम ब्रिटेन के गृह मंत्रालय द्वारा उनके प्रत्यर्पण को मंजूरी दिए जाने के बाद सामने आई है, जो इस हाई-प्रोफाइल कानूनी लड़ाई में एक अहम मोड़ है। नीरव मोदी ने उम्मीद जताई कि अदालत द्वारा नए सबूत स्वीकार किए जाने के बाद, उन्हें या तो बरी कर दिया जाएगा या जमानत मिल जाएगी।
बता दें नीरव मोदी जनवरी 2018 में भारत से भाग गए थे, इस बड़े बैंकिंग घोटाले के सामने आने से कुछ ही हफ़्ते पहले। उन पर और उनके मामा मेहुल चोकसी पर आरोप है कि उन्होंने बिना उचित मंजूरी या जमानत के फर्जी लेटर्स ऑफ़ अंडरटेकिंग प्राप्त करके पीएनबी को धोखा दिया। इस घोटाले के कारण पीएनबी को एसबीआई (मॉरीशस और फ्रैंकफर्ट), इलाहाबाद बैंक (हांगकांग) और अन्य अंतरराष्ट्रीय बैंकों को भुगतान करना पड़ा, जबकि मोदी की कंपनियां ऋण चुकाने में विफल रहीं।
मुंबई की अदालत ने 2020 में उन्हें भगोड़ा अपराधी घोषित किया और उनकी संपत्ति जब्त करने का भी आदेश दिया था। ब्रिटेन में उनकी जमानत की कई कोशिशें, विदेश भागने की आशंका के चलते, पहले ही खारिज की जा चुकी है।


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