सुपरटेक की बढ़ी मुश्किलें, सुप्रीम कोर्ट ने पुराने डायरेक्टर्स को हटाने का दिया निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने रियल एस्टेट कंपनी सुपरटेक के खिलाफ एक कड़ा कदम उठाते हुए उसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी 'सुपरटेक रिटेल्स' (एस रिटेल्स) के मौजूदा निदेशकों को पद से हटा दिया है। अदालत ने कंपनी की संपत्तियों को बेचने, स्थानांतरित करने (ट्रांसफर) या गिरवी रखने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। इसके साथ ही, कंपनी का पूरा नियंत्रण कोर्ट द्वारा नियुक्त समिति को सौंप दिया गया है।
घर खरीदारों और निवेशकों को राहत
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अध्यक्षता और पीठ: यह महत्वपूर्ण आदेश मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने 11 अगस्त को पारित किया था, जिसकी प्रति अब सामने आई है।
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परियोजनाओं का निर्माण: इस फैसले से वर्षों से अटकी 'सुपरनोवा' (Supernova) परियोजना के रेजिडेंशियल और कमर्शियल यूनिट खरीदारों के हितों की रक्षा होगी।
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फंड डायवर्जन पर रोक: प्रमोटरों द्वारा फंड को अन्यत्र डायवर्ट करने की कोशिशों पर विराम लगेगा, जिससे प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य समय पर पूरा होने का मार्ग प्रशस्त होगा।
निगरानी का दायरा और आगामी तारीख
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सशक्त समिति का विस्तार: अदालत ने स्पष्ट किया है कि निगरानी समिति का दायरा अब केवल दिवालिया प्रक्रिया से गुजर रही 'सुपरटेक रियलटर्स प्राइवेट लिमिटेड' (SRPL) तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसकी सहायक कंपनी 'सुपरटेक रिटेल्स' पर भी प्रभावी होगा।
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अगली सुनवाई: इस पूरे मामले पर सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई अब 1 अक्टूबर को निर्धारित की गई है।


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